अनुच्छेद 1(भारत का संविधान)

भारत का संविधान

Bhभारत के संविधान के भाग 1, अनुच्छेद 1 में यह बताया गया है कि भारत का आधिकारिक नाम क्या होगा। 1️⃣ अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत का नाम क्या है? भारत का आधिकारिक नाम “भारत अर्थात इंडिया” होगा।इसका मतलब है —हमारा देश दो नामों से जाना जाता है:भारत (Hindi name) और India (English name)।दोनों नाम … Read more

संविधान का परिचय (कब लागू हुआ ,क्या है,किसने लिखा,प्रस्तावना

भारत का संविधान

 

 

 

भारतीय संविधान हमारे देश का सर्वोच्च और सबसे महत्वपूर्ण कानून है। यह तय करता है कि भारत की सरकार कैसे चलेगी और नागरिकों के अधिकार व कर्तव्य क्या होंगे। भारतीय संविधान को संविधान सभा ने तैयार किया, इसके निर्माण में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का विशेष योगदान रहा, जिन्हें भारतीय संविधान का मुख्य निर्माता कहा जाता है। इस प्रकार, भारतीय संविधान देश की एकता, न्याय और लोकतंत्र की मजबूत नींव है।

संविधान का परिचय(कब लागू हुआ,क्या है,किसने लिखा,प्रस्तावना)

1.संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने अंगीकृत किया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।

2.प्रारंभ में इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ, और लगभग 1,45,000 शब्द थे, जिससे यह दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान बना।वर्तमान में: विभिन्न संशोधनों के बाद, अनुच्छेदों की कुल संख्या बढ़कर 448 हो गई है। अब इनमें 25 भाग और 12 अनुसूचियां हैं।

3.संविधान बनाने में 2 वर्ष 11 महीने लगे और संविधान सभा ने 11 सत्रों में 167 दिन तक बहस की।

4.संविधान सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी देता है और देश के संचालन का आधार है।

5.सरकारी संरचना:भारत की सरकार तीन शाखाओं में बंटी है — कार्यपालिका (Executive), विधायिका (Legislature) और न्यायपालिका (Judiciary)।

6.राज्य प्रमुख और संसद:भारत के राष्ट्रपति राज्य के प्रमुख हैं।

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STANDING ORDERS WCL कर्मचारियों का वर्गीकरण (Classification of Workmen)

STANDING ORDERS WCL कर्मचारियों का वर्गीकरण कई आधारों पर और विभिन्न लोगों को जो किसी भी तरह WCL से संबद्ध है निम्न आधारों पर उनका वर्गीकरण करता है। STANDING ORDERS WCL कर्मचारियों का वर्गीकरण (Classification of Workmen) 1 प्रशिक्षु (Apprentice) 2 बदली या स्थापन्न (बदली or Substitute) 3 अस्थाई (Casual) 4 स्थाई (Permanent) 5 प्रशिक्षण अवधि में … Read more

Standing orders WCL लागू होना और परिभाषाएं

1. प्रारंभ और लागू होना: ये स्थायी आदेश (Standing Orders) एक निश्चित तिथि से लागू होंगे, जो श्रम कानून Industrial Employment (Standing Orders) Act, 1946 के अनुसार तय की जाएगी। ये आदेश वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की सभी इकाइयों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों पर लागू होंगे। ये उन कर्मचारियों पर लागू होंगे जो Industrial … Read more

Standing orders WCL

  यह एक सरकारी पत्र है जो श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour) ने 19 फरवरी 1993 को जारी किया था। इसमें Western Coalfields Limited और उसके संबंधित यूनियनों को भेजा गया है। यह पत्र Industrial Employment (Standing Orders) Act, 1946 यानी औद्योगिक रोजगार से जुड़े नियमों के बारे में है। Standing orders WCL का मुख्य … Read more

JBCCI और NCWA में अंतर

JBCCI और NCWA में अंतर

JBCCI और NCWA में मुख्य अंतर यह है कि JBCCI एक समिति है और JBCCI ही NCWA को तैयार करती है,JBCCI में सरकार,प्रबंधन और यूनियन शामिल होते है लेकिन इसमें सरकार सीधे रूप से शामिल नहीं होती,इसमें सरकार की नीतियों के अनुसार JBCCI काम करती है,क्योंकि सरकार की अनुमति के बिना Final Implimentation नहीं होता … Read more

अनुचित श्रम प्रथा Unfair Labour Practices

अनुचित श्रम प्रथा Unfair Labour Practices

यह दस्तावेज़ भारत सरकार के “The Gazette of India Extraordinary” से है और यह औद्योगिक संबंध कोड 2020 है इसमें “Unfair Labour Practices” (अस्वच्छ श्रम व्यवहार) के बारे में बताया गया है। अस्वच्छ श्रम व्यवहार (Unfair Labour Practices) I. नियोक्ताओं और नियोक्ताओं के ट्रेड यूनियनों द्वारा किए गए अस्वच्छ श्रम व्यवहार (1) यदि कोई नियोक्ता … Read more

शिकायत निवारण समिति Grievance Redressal Committee के नियम कार्य एवं फायदे

शिकायत निवारण समिति

शिकायत निवारण समिति (Grievance Redressal Committee) अद्योगिक संबंध कोड 2020 में नियोक्ता(कंपनी) और कामगार के बीच सेक्शन 4 द्वारा गठित समिति है,जो शिकायतों की जानकारी,और निवारण करती है आइए जानते है अद्योगिक संबंध कोड में इससे संबंधित क्या नियम/कार्य/फायदे हैं। 1 नियम (Rules): 1.1 कब बनती है:ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जहाँ 20 या अधिक कर्मचारी … Read more

Lay Off क्या है,इसके प्रकार,और इससे बचने के उपाय

Lay Off

Lay Off – “ले-ऑफ” का अर्थ है नियोक्ता(Employeer) द्वारा श्रमिक(Worker or Employee) को रोजगार देने में असमर्थता, चाहे वह कोयले, बिजली, कच्चे माल या अन्य कारणों की कमी, मशीनरी की खराबी या कोई अन्य कारण हो, जिससे वह कर्मचारी कार्य करने से रोका गया हो अस्थाई तौर पर । आसान शब्दों में अगर इसे समझा … Read more

Fixed Term Employment

fixed term employment” का अर्थ है किसी कार्यकर्ता को एक लिखित अनुबंध के माध्यम से निर्धारित अवधि के लिए नियुक्त करना। बशर्ते कि: (a) उसके कार्य के घंटे, वेतन, भत्ते और अन्य लाभ स्थायी कर्मचारी के बराबर हों, जो समान प्रकार का कार्य कर रहा हो; (b) वह सभी वैधानिक लाभों का पात्र होगा, सेवा की … Read more