अनुच्छेद 3 नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों सीमाओं और नाम में परिवर्तन

भारत का संविधान

  भारत एक विशाल और विविधताओं वाला देश है।संविधान निर्माताओं ने यह समझा था कि समय के साथ प्रशासनिक, सांस्कृतिक या राजनीतिक कारणों से राज्यों की सीमाओं या नामों में बदलाव की आवश्यकता पड़ सकती है।इसीलिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 में संसद को यह अधिकार दिया गया हैकि वह नए राज्य बना सके, पुराने … Read more

अनुच्छेद 2 नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

भारत का संविधान

भारत के संविधान के भाग 1, अनुच्छेद 2 में यह बताया गया है कि भारत में नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना किस तरह से किया जाएगा। नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना कैसे होता है समझिए – (क) किसी बाहरी क्षेत्र को भारत में शामिल करना:अगर कोई नया इलाका (देश या क्षेत्र) भारत का … Read more

अनुच्छेद 1(भारत का संविधान)

भारत का संविधान

Bhभारत के संविधान के भाग 1, अनुच्छेद 1 में यह बताया गया है कि भारत का आधिकारिक नाम क्या होगा। 1️⃣ अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत का नाम क्या है? भारत का आधिकारिक नाम “भारत अर्थात इंडिया” होगा।इसका मतलब है —हमारा देश दो नामों से जाना जाता है:भारत (Hindi name) और India (English name)।दोनों नाम … Read more

संविधान का परिचय (कब लागू हुआ ,क्या है,किसने लिखा,प्रस्तावना

भारत का संविधान

 

 

 

भारतीय संविधान हमारे देश का सर्वोच्च और सबसे महत्वपूर्ण कानून है। यह तय करता है कि भारत की सरकार कैसे चलेगी और नागरिकों के अधिकार व कर्तव्य क्या होंगे। भारतीय संविधान को संविधान सभा ने तैयार किया, इसके निर्माण में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का विशेष योगदान रहा, जिन्हें भारतीय संविधान का मुख्य निर्माता कहा जाता है। इस प्रकार, भारतीय संविधान देश की एकता, न्याय और लोकतंत्र की मजबूत नींव है।

संविधान का परिचय(कब लागू हुआ,क्या है,किसने लिखा,प्रस्तावना)

1.संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने अंगीकृत किया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।

2.प्रारंभ में इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ, और लगभग 1,45,000 शब्द थे, जिससे यह दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान बना।वर्तमान में: विभिन्न संशोधनों के बाद, अनुच्छेदों की कुल संख्या बढ़कर 448 हो गई है। अब इनमें 25 भाग और 12 अनुसूचियां हैं।

3.संविधान बनाने में 2 वर्ष 11 महीने लगे और संविधान सभा ने 11 सत्रों में 167 दिन तक बहस की।

4.संविधान सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी देता है और देश के संचालन का आधार है।

5.सरकारी संरचना:भारत की सरकार तीन शाखाओं में बंटी है — कार्यपालिका (Executive), विधायिका (Legislature) और न्यायपालिका (Judiciary)।

6.राज्य प्रमुख और संसद:भारत के राष्ट्रपति राज्य के प्रमुख हैं।

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Standing orders WCL

  यह एक सरकारी पत्र है जो श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour) ने 19 फरवरी 1993 को जारी किया था। इसमें Western Coalfields Limited और उसके संबंधित यूनियनों को भेजा गया है। यह पत्र Industrial Employment (Standing Orders) Act, 1946 यानी औद्योगिक रोजगार से जुड़े नियमों के बारे में है। Standing orders WCL का मुख्य … Read more

अनुचित श्रम प्रथा Unfair Labour Practices

अनुचित श्रम प्रथा Unfair Labour Practices

यह दस्तावेज़ भारत सरकार के “The Gazette of India Extraordinary” से है और यह औद्योगिक संबंध कोड 2020 है इसमें “Unfair Labour Practices” (अस्वच्छ श्रम व्यवहार) के बारे में बताया गया है। अस्वच्छ श्रम व्यवहार (Unfair Labour Practices) I. नियोक्ताओं और नियोक्ताओं के ट्रेड यूनियनों द्वारा किए गए अस्वच्छ श्रम व्यवहार (1) यदि कोई नियोक्ता … Read more

शिकायत निवारण समिति Grievance Redressal Committee के नियम कार्य एवं फायदे

शिकायत निवारण समिति

शिकायत निवारण समिति (Grievance Redressal Committee) अद्योगिक संबंध कोड 2020 में नियोक्ता(कंपनी) और कामगार के बीच सेक्शन 4 द्वारा गठित समिति है,जो शिकायतों की जानकारी,और निवारण करती है आइए जानते है अद्योगिक संबंध कोड में इससे संबंधित क्या नियम/कार्य/फायदे हैं। 1 नियम (Rules): 1.1 कब बनती है:ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जहाँ 20 या अधिक कर्मचारी … Read more

Fixed Term Employment

fixed term employment” का अर्थ है किसी कार्यकर्ता को एक लिखित अनुबंध के माध्यम से निर्धारित अवधि के लिए नियुक्त करना। बशर्ते कि: (a) उसके कार्य के घंटे, वेतन, भत्ते और अन्य लाभ स्थायी कर्मचारी के बराबर हों, जो समान प्रकार का कार्य कर रहा हो; (b) वह सभी वैधानिक लाभों का पात्र होगा, सेवा की … Read more