अनुच्छेद 18 (उपाधियों का अंत)

भारत का संविधान

अनुच्छेद 19 के अनुसार भारत का संविधान नागरिकों में समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए उपाधियों के दुरुपयोग को रोकता है। अनुच्छेद 18 यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी व्यक्ति किसी ऐसी उपाधि का उपयोग या स्वीकार न करे, जो असमानता को बढ़ावा दे या विशेष वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हो। … Read more

अनुच्छेद 17 ( अस्पृश्यता का अंत )

भारत का संविधान

अनुच्छेद 17 के अनुसार “अस्पृश्यता” का अंत किया जाएगा और इसका किसी भी रूप में आचरण निषिद्ध किया जाएगा। “अस्पृश्यता” के उपबंधों का कोई भी उल्लंघन एक अपराध होगा जो विधि के अनुसार दंडनीय होगा। आसान भाषा में अर्थ (Simple Explanation)अनुच्छेद 17 कहता है कि: उदाहरण (Examples) उदाहरण 1 – अगर कोई व्यक्ति किसी SC … Read more

अनुच्छेद 16 ( लोक नियोजन के विषय में अवसर की संता)

भारत का संविधान

अनुच्छेद 16 कहता है कि — 👉 भारत में सरकारी नौकरी, सरकारी पद, भर्ती और प्रमोशन में हर नागरिक को समान अवसर मिलेगा। 👉 किसी को धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान, निवास, मूलवंश के आधार पर नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। आज आप पढ़ेंगे – 1 अनुच्छेद 16 की व्याख्या 2 उदाहरण 3 FAQS … Read more

अनुच्छेद 15 — धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध

भारत का संविधान

  अनुच्छेद 15 कहता है कि राज्य किसी भी नागरिक के साथ केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी नीतियाँ और सार्वजनिक सेवाएँ किसी भी व्यक्ति या समूह के साथ इन कारणों से भेदभाव न करें। आज आप पढ़ेंगे: 1 अनुच्छेद … Read more

अनुच्छेद 14 (समता का अधिकार)

भारत का संविधान

 

अनुच्छेद 14

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 यह सुनिश्चित करता है कि सभी लोग कानून की नजर में बराबर हैं। राज्य (Government) किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म, भाषा, लिंग, क्षेत्र या किसी भी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता।

अनुच्छेद 14 क्या कहता है?

अनुच्छेद 14 कहता है कि—

👉 राज्य भारत के किसी भी व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता (Equality before Law) और
👉 कानून द्वारा समान संरक्षण (Equal Protection of Laws) से वंचित नहीं करेगा।

इसका मतलब

  • हर व्यक्ति पर वही कानून लागू होगा।
  • किसी के साथ पक्षपात या भेदभाव नहीं होगा।
  • अगर दो लोग एक ही प्रकार का अपराध करें, तो सजा भी एक जैसी होगी।

उदाहरण 1 –

एक जैसी सजा – अगर A और B दोनों चोरी करते हैं, तो पुलिस और कोर्ट दोनों के साथ समान व्यवहार करेंगे। किसी को खास ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा।

सरकारी नौकरी में समानता

ये सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने में हर नागरिक को समान अवसर मिलता है। कोई यह नहीं कह सकता कि फलाना धर्म या जाति के लिए नौकरी नहीं है।

उदाहरण 3 –

सड़क नियमों में समानता – अगर लाल बत्ती तोड़ना अपराध है, तो यह नियम मंत्री,आम आदमी, विद्यार्थी,व्यापारी सब पर समान रूप से लागू होगा।

FAQs:

1. क्या अनुच्छेद 14 सिर्फ भारतीय नागरिकों पर लागू होता है?

उत्तर – नहीं, अनुच्छेद 14 भारत में मौजूद हर व्यक्ति पर लागू होता है—नागरिक, विदेशी, या प्रवासी।

2. क्या सरकार सभी के लिए एक जैसे कानून बना सकती है?

उत्तर – हाँ, लेकिन कुछ परिस्थितियों में राज्य उचित वर्गीकरण (reasonable classification) कर सकती है, जैसे—

महिलाओं के लिए सुरक्षित नियम

बच्चों के लिए विशेष कानून

यह भेदभाव नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए खास व्यवस्था है। 

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अनुच्छेद 5

भारत का संविधान

अभी तक आपने पढ़ा है भारतीय संविधान भाग 1(संघ और उसका राज्यक्षेत्र) जिसमें अनुच्छेद 1 – 4 तक का जिक्र था। और अब हम भाग 2 में प्रवेश कर चुके है,जो कि अनुच्छेद 5 – 11 तक है, यानि इसमें कुल 7 अनुच्छेद (Articles) शामिल हैं,तो आइए हम अनुच्छेद 5 शुरू करते है।संविधान का भाग … Read more