
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 यह सुनिश्चित करता है कि सभी लोग कानून की नजर में बराबर हैं। राज्य (Government) किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म, भाषा, लिंग, क्षेत्र या किसी भी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता।
अनुच्छेद 14 क्या कहता है?
अनुच्छेद 14 कहता है कि—
👉 राज्य भारत के किसी भी व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता (Equality before Law) और
👉 कानून द्वारा समान संरक्षण (Equal Protection of Laws) से वंचित नहीं करेगा।
इसका मतलब
- हर व्यक्ति पर वही कानून लागू होगा।
- किसी के साथ पक्षपात या भेदभाव नहीं होगा।
- अगर दो लोग एक ही प्रकार का अपराध करें, तो सजा भी एक जैसी होगी।
उदाहरण 1 –
एक जैसी सजा – अगर A और B दोनों चोरी करते हैं, तो पुलिस और कोर्ट दोनों के साथ समान व्यवहार करेंगे। किसी को खास ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा।
सरकारी नौकरी में समानता
ये सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने में हर नागरिक को समान अवसर मिलता है। कोई यह नहीं कह सकता कि फलाना धर्म या जाति के लिए नौकरी नहीं है।
उदाहरण 3 –
सड़क नियमों में समानता – अगर लाल बत्ती तोड़ना अपराध है, तो यह नियम मंत्री,आम आदमी, विद्यार्थी,व्यापारी सब पर समान रूप से लागू होगा।
FAQs:
1. क्या अनुच्छेद 14 सिर्फ भारतीय नागरिकों पर लागू होता है?
उत्तर – नहीं, अनुच्छेद 14 भारत में मौजूद हर व्यक्ति पर लागू होता है—नागरिक, विदेशी, या प्रवासी।
2. क्या सरकार सभी के लिए एक जैसे कानून बना सकती है?
उत्तर – हाँ, लेकिन कुछ परिस्थितियों में राज्य उचित वर्गीकरण (reasonable classification) कर सकती है, जैसे—
महिलाओं के लिए सुरक्षित नियम
बच्चों के लिए विशेष कानून
यह भेदभाव नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए खास व्यवस्था है।