अनुच्छेद 11 ( संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना )

भारत का संविधान

  भारत के संविधान का अनुच्छेद 11 नागरिकता से संबंधित प्रावधानों को और आगे स्पष्ट करता है। यह अनुच्छेद यह बताता है कि भारत की संसद नागरिकता से जुड़े सभी मामलों पर कानून बनाने की पूरी शक्ति रखती है—चाहे वह नागरिकता का प्रदान करना हो, छीनना हो, रखना हो, या नागरिकता के अधिकारों में बदलाव … Read more

अनुच्छेद 10 ( नागरिकता के अधिकारों का बना रहना )

भारत का संविधान

अनुच्छेद 10 कहता है कि संविधान का अनुच्छेद 10 यह सुनिश्चित करता है कि जो व्यक्ति संविधान लागू होने से पहले भारत का नागरिक था या संविधान के लागू होने के बाद नागरिक बन गया है, वह तब तक भारत का नागरिक बना रहेगा, जब तक संसद किसी कानून के माध्यम से उसकी नागरिकता में कोई बदलाव न करे।

साधारण शब्दों में—👉 अगर आप भारत के नागरिक हैं, तो केवल संसद द्वारा बनाए गए कानून ही आपकी नागरिकता में बदलाव कर सकते हैं।

अनुच्छेद 10 को आसान भाषा में समझें

अनुच्छेद 10 का मतलब है कि भारत की नागरिकता “अपने-आप” खत्म नहीं हो जाती।नागरिकता में बदलाव या समाप्ति केवल संसद द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार ही हो सकती है, जैसे—नागरिकता अधिनियम 1955 नागरिकता संशोधन कानून  आदि के तहत। इससे नागरिकों को एक कानूनी सुरक्षा मिलती है कि उनका नागरिक होने का दर्जा स्थिर और सुरक्षित है।

अनुच्छेद 10 का उदाहरण

उदाहरण 1:

रमेश भारत का नागरिक है। वह 3 साल के लिए दुबई काम करने चला जाता है।➡️ अनुच्छेद 10 के अनुसार रमेश की भारतीय नागरिकता बनी रहेगी।वह सिर्फ विदेश जाने से नागरिकता नहीं खो देता।

उदाहरण 2:

अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है, तब भी उसकी भारतीय नागरिकता तब तक खत्म नहीं मानी जाएगी,➡️ जब तक भारत की संसद के कानून (जैसे—Citizenship Act) के अनुसार वह नागरिकता समाप्त न कर दी जाए।

अनुच्छेद 10 तब तक खत्म नहीं होती जब तक संसद किसी कानून के तहत समाप्त न करे।

FAQs :

1. क्या अनुच्छेद 10 के अनुसार भारतीय नागरिकता अपने-आप खत्म हो सकती है?

उत्तर – नहींअनुच्छेद 10 के अनुसार नागरिकता तब तक खत्म नहीं होती जब तक संसद किसी कानून के तहत समाप्त न करे।

2. क्या विदेश में रहने से भारतीय नागरिकता स है?

उत्तर – नहीं। विदेश में रहने या काम करने से नागरिकता खत्म नहीं होती। नागरिकता समाप्त तभी होती है जब व्यक्ति दूसरी नागरिकता ले ले और कानूनन प्रक्रिया पूरी हो।

3. क्या संसद नागरिकता के नियम बदल सकती है?

उत्तर – हाँ। अनुच्छेद 10 संसद को नागरिकता से जुड़े नियम बनाने, बदलने या समाप्त करने की शक्ति देता है।

अस्वीकरण (Disclaimer) –

इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह नहीं है। नागरिकता से संबंधित अंतिम निर्णय हमेशा भारत की संसद द्वारा बनाए गए कानूनों और सरकारी नियमों के आधार पर ही मान्य होंगे

 

1 भारतीय संविधान का परिचय कब लागू हुआ किसने लिखा और प्रस्तावना

2 अनुच्छेद 1 (भारत का आधिकारिक नाम क्या होगा )

अनुच्छेद 2 (नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना)

अनुच्छेद 3 (नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों सीमाओं और नाम में परिवर्तन)

अनुच्छेद 4 ( पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची के संशोधन तथा अनुपूरक, अनुषांगिक और परिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियां)

अनुच्छेद 5 ( नागरिकता से संबंधित)

अनुच्छेद 6 ( पाकिस्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता)

अनुच्छेद 7 ( पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार )

अनुच्छेद 8 (भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार)

अनुच्छेद 9 (विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित करने वाले व्यक्तियों का नागरिक ना होना)

अनुच्छेद 9 ( विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित करने वाले व्यक्तियों का नागरिक ना होना

भारत का संविधान

अनुच्छेद 9 कहता है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से किसी भी विदेशी देश की नागरिकता ले लेता है,तो वह व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं रहेगा। आसान भाषा में समझें – अगर कोई भारतीय दूसरे देश का पासपोर्ट और नागरिकता ले लेता है,तो वह अपने-आप भारतीय नागरिकता खो देता है।चाहे वह व्यक्ति जन्म से … Read more

अनुच्छेद 8 (भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार

भारत का संविधान

 अनुच्छेद 8 को आसानी से समझा जा सकता है, जो विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की नागरिकता बताता है।भारतीय संविधान के भाग 2 में अनुच्छेद 5, 6 और 7 मिलकर यह बताते हैं कि संविधान लागू होने के समय कौन भारत का नागरिक माना गया। अनुच्छेद 5 भारत में सामान्य रूप से … Read more

अनुच्छेद 7 ( पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार )

भारत का संविधान

अनुच्छेद 7 के अनुसानु अनुच्छेद 5 और 6 में जो भी लिखा है, उसके बावजूद अगर कोई व्यक्ति 1 मार्च 1947 के बाद पाकिस्तान के नागरिक रहा हो या उस समय पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र में रहता हो, तो उसे भारत का नागरिक नहीं माना जाएगा।   लेकिन इस नियम का लागू होना उन … Read more

अनुच्छेद 6 ( पाकिस्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता

भारत का संविधान

अनुच्छेद 5 में किसी बात के होते हुए भी , अनुच्छेद 6 के अनुसार कोई व्यक्ति ऐसा हो जो पहले पाकिस्तान के क्षेत्र वाले राज्य से भारत आया हो — उसे भारत का नागरिक माना जाएगा, अगर वह नीचे दिए गए नियमों में से किसी एक को पूरा करता हो । अनुच्छेद 6 की व्याख्या: … Read more

अनुच्छेद 5

भारत का संविधान

अभी तक आपने पढ़ा है भारतीय संविधान भाग 1(संघ और उसका राज्यक्षेत्र) जिसमें अनुच्छेद 1 – 4 तक का जिक्र था। और अब हम भाग 2 में प्रवेश कर चुके है,जो कि अनुच्छेद 5 – 11 तक है, यानि इसमें कुल 7 अनुच्छेद (Articles) शामिल हैं,तो आइए हम अनुच्छेद 5 शुरू करते है।संविधान का भाग … Read more

अनुच्छेद 4 पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची के संशोधन तथा अनुपूरक, अनुषांगिक और परिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियां

भारत का संविधान

अनुच्छेद 4 के अनुसार अनुच्छेद 2 या अनुच्छेद 3 में बताई गई किसी विधि (Law) में —अगर पहली अनुसूची (First Schedule) और चौथी अनुसूची (Fourth Schedule) में संशोधन करने की जरूरत हो,तो वह विधि (Law) अपने आप उन संशोधनों को शामिल करेगी जो उस विधि को लागू करने के लिए आवश्यक हैं।   इसका मतलब यह … Read more

अनुच्छेद 3 नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों सीमाओं और नाम में परिवर्तन

भारत का संविधान

  भारत एक विशाल और विविधताओं वाला देश है।संविधान निर्माताओं ने यह समझा था कि समय के साथ प्रशासनिक, सांस्कृतिक या राजनीतिक कारणों से राज्यों की सीमाओं या नामों में बदलाव की आवश्यकता पड़ सकती है।इसीलिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 में संसद को यह अधिकार दिया गया हैकि वह नए राज्य बना सके, पुराने … Read more

अनुच्छेद 2 नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

भारत का संविधान

भारत के संविधान के भाग 1, अनुच्छेद 2 में यह बताया गया है कि भारत में नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना किस तरह से किया जाएगा। नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना कैसे होता है समझिए – (क) किसी बाहरी क्षेत्र को भारत में शामिल करना:अगर कोई नया इलाका (देश या क्षेत्र) भारत का … Read more