अनुच्छेद 10 ( नागरिकता के अधिकारों का बना रहना )

अनुच्छेद 10 कहता है कि संविधान का अनुच्छेद 10 यह सुनिश्चित करता है कि जो व्यक्ति संविधान लागू होने से पहले भारत का नागरिक था या संविधान के लागू होने के बाद नागरिक बन गया है, वह तब तक भारत का नागरिक बना रहेगा, जब तक संसद किसी कानून के माध्यम से उसकी नागरिकता में कोई बदलाव न करे।

साधारण शब्दों में—👉 अगर आप भारत के नागरिक हैं, तो केवल संसद द्वारा बनाए गए कानून ही आपकी नागरिकता में बदलाव कर सकते हैं।

अनुच्छेद 10 को आसान भाषा में समझें

अनुच्छेद 10 का मतलब है कि भारत की नागरिकता “अपने-आप” खत्म नहीं हो जाती।नागरिकता में बदलाव या समाप्ति केवल संसद द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार ही हो सकती है, जैसे—नागरिकता अधिनियम 1955 नागरिकता संशोधन कानून  आदि के तहत। इससे नागरिकों को एक कानूनी सुरक्षा मिलती है कि उनका नागरिक होने का दर्जा स्थिर और सुरक्षित है।

अनुच्छेद 10 का उदाहरण

उदाहरण 1:

रमेश भारत का नागरिक है। वह 3 साल के लिए दुबई काम करने चला जाता है।➡️ अनुच्छेद 10 के अनुसार रमेश की भारतीय नागरिकता बनी रहेगी।वह सिर्फ विदेश जाने से नागरिकता नहीं खो देता।

उदाहरण 2:

अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है, तब भी उसकी भारतीय नागरिकता तब तक खत्म नहीं मानी जाएगी,➡️ जब तक भारत की संसद के कानून (जैसे—Citizenship Act) के अनुसार वह नागरिकता समाप्त न कर दी जाए।

अनुच्छेद 10 तब तक खत्म नहीं होती जब तक संसद किसी कानून के तहत समाप्त न करे।

FAQs :

1. क्या अनुच्छेद 10 के अनुसार भारतीय नागरिकता अपने-आप खत्म हो सकती है?

उत्तर – नहींअनुच्छेद 10 के अनुसार नागरिकता तब तक खत्म नहीं होती जब तक संसद किसी कानून के तहत समाप्त न करे।

2. क्या विदेश में रहने से भारतीय नागरिकता स है?

उत्तर – नहीं। विदेश में रहने या काम करने से नागरिकता खत्म नहीं होती। नागरिकता समाप्त तभी होती है जब व्यक्ति दूसरी नागरिकता ले ले और कानूनन प्रक्रिया पूरी हो।

3. क्या संसद नागरिकता के नियम बदल सकती है?

उत्तर – हाँ। अनुच्छेद 10 संसद को नागरिकता से जुड़े नियम बनाने, बदलने या समाप्त करने की शक्ति देता है।

अस्वीकरण (Disclaimer) –

इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह नहीं है। नागरिकता से संबंधित अंतिम निर्णय हमेशा भारत की संसद द्वारा बनाए गए कानूनों और सरकारी नियमों के आधार पर ही मान्य होंगे

 

1 भारतीय संविधान का परिचय कब लागू हुआ किसने लिखा और प्रस्तावना

2 अनुच्छेद 1 (भारत का आधिकारिक नाम क्या होगा )

अनुच्छेद 2 (नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना)

अनुच्छेद 3 (नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों सीमाओं और नाम में परिवर्तन)

अनुच्छेद 4 ( पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची के संशोधन तथा अनुपूरक, अनुषांगिक और परिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियां)

अनुच्छेद 5 ( नागरिकता से संबंधित)

अनुच्छेद 6 ( पाकिस्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता)

अनुच्छेद 7 ( पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार )

अनुच्छेद 8 (भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार)

अनुच्छेद 9 (विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित करने वाले व्यक्तियों का नागरिक ना होना)

Leave a Comment