अनुच्छेद 8 को आसानी से समझा जा सकता है, जो विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की नागरिकता बताता है।भारतीय संविधान के भाग 2 में अनुच्छेद 5, 6 और 7 मिलकर यह बताते हैं कि संविधान लागू होने के समय कौन भारत का नागरिक माना गया। अनुच्छेद 5 भारत में सामान्य रूप से रहने वाले लोगों को नागरिकता देता है, अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से भारत आए लोगों को नागरिकता की प्रक्रिया बताता है, और अनुच्छेद 7 उन लोगों के लिए है जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान चले गए थे लेकिन बाद में भारत वापस आना चाहते थे

आसान भाषा में अनुच्छेद 8 की व्याख्या उदाहरण सहित –
कौन भारत का नागरिक माना जाएगा (अनुच्छेद 8)अगर कोई व्यक्ति भारत के बाहर रहता है लेकिन—उसके माता, पिता, दादा-दादी या नाना-नानी में से कोई भारत शासन अधिनियम 1935 के अनुसार भारत में जन्मा था,औरवह व्यक्ति जिस देश में रह रहा है, वहाँ मौजूद भारत के राजदूत / दूतावास अधिकारी (Embassy या Consulate) के पास अपना नाम भारत नागरिक रजिस्टर में दर्ज करवा ले,तो उसे भारत का नागरिक माना जाएगा, भले ही वह विदेश में रहता हो।
मतलब:
👉 विदेश में रहने वाला भारतीय मूल का व्यक्ति, अगर दूतावास में आवेदन देकर अपना नाम रजिस्टर करवा दे, तो वह भारत का नागरिक बन सकता है।
अनुच्छेद 8 — उदाहरण से समझना
उदाहरण 1 — विदेश में रहकर भी भारतीय नागरिकता मिल सकती हैमान लीजिए—अमन के दादा जी भारत में जन्मे थे,लेकिन अमन खुद दुबई में रहता है।अगर अमन दुबई में मौजूद भारतीय दूतावास (Embassy) में जाकर“भारत का नागरिक बनना है” कहकर अपना नाम नागरिक रजिस्टर में दर्ज करवा देता है,
👉 तो अमन को भारत का नागरिक माना जाएगा।क्यों?क्योंकि उसके पूर्वज (दादा) भारत में जन्मे थे और उसने दूतावास में अपने नाम का रजिस्ट्रेशन करवा दिया।
उदाहरण 2 — विदेश में जन्मा बच्चा भी भारतीय नागरिक बन सकता हैपूजा के माता-पिता दोनों भारत में जन्मे थे।पूजा का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ।पूजा ऑस्ट्रेलिया में रहती है।अगर पूजा ऑस्ट्रेलिया के भारतीय हाई- कमीशन में जाकरअपना रजिस्ट्रेशन करा ले,
👉 तो पूजा भारत की नागरिक मानी जाएगी।
FAQs :
प्रश्न 1 अनुच्छेद 8 किससे संबंधित है?
उत्तर: अनुच्छेद 8 भारत के उन लोगों से संबंधित है जो भारतीय मूल के हैं
और भारत के बाहर रहते हैं, और जो वहाँ स्थित भारतीय दूतावास / कांसुलर कार्यालय के माध्यम से भारत की नागरिकता के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
2 अनुच्छेद 8 के तहत कौन व्यक्ति नागरिकता प्राप्त कर सकता है?
उत्तर:
वह व्यक्ति जिसके माता, पिता, दादा-दादी या नाना-नानी
भारत में जन्मे हों (भारत शासन अधिनियम 1935 के अनुसार)
और वह विदेशी देश में सामान्य रूप से निवास कर रहा हो,तो वह दूतावास में आवेदन देकर भारत का नागरिक बन सकता है।
3 अनुच्छेद 8 के तहत नागरिकता कौन देता है?
उत्तर:
अनुच्छेद 8 के तहत नागरिकता
👉 भारतीय दूतावास (Embassy) / कांसुलर प्रतिनिधि (Consular Officer)
द्वारा व्यक्ति को रजिस्ट्रेशन कराकर दी जाती है।
4 क्या अनुच्छेद 8 के तहत नागरिकता पाने के लिए भारत आना ज़रूरी है?
उत्तर:नहीं।
व्यक्ति जिस देश में रहता है, वहाँ स्थित भारतीय राजनयिक/कांसुलर मिशन में आवेदन करके वहीं से नागरिकता प्राप्त कर सकता है।
भारत आना आवश्यक नहीं है।
5 अनुच्छेद 8 और अनुच्छेद 9 में क्या अंतर है?
उत्तर:
| अनुच्छेद 8 | अनुच्छेद 9 |
| 1 विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति को नागरिकता पाने की सुविधा। | 1 विदेशी नागरिकता लेने पर भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त |
| 2 दूतावास में रजिस्ट्रेशन के आधार पर नागरिकता- डुअल सिटिजनशिप। | 2 भारत में मान्य नहीं |
| 3 “नागरिकता प्राप्ति”। | 3 “नागरिकता समाप्ति ”। |
अस्वीकरण –
यह लेख केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य (Educational & Informational Purpose) से लिखा गया है।
यह किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह (Legal Advice) नहीं है।
पाठकों से अनुरोध है कि किसी कानूनी निर्णय या प्रक्रिया से पहले
भारतीय संविधान के आधिकारिक संस्करण (Official Gazette) या
कानूनी विशेषज्ञ (Legal Expert) से परामर्श अवश्य लें।
भारतीय संविधान से संबंधित अन्य अनुच्छेद पढ़े:
1 भारतीय संविधान (परिचय,किसने लिखा और प्रस्तावना)
2 अनुच्छेद 1 (भारत का आधिकारिक नाम क्या होगा)
3 अनुच्छेद 2 ( नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना)
4 अनुच्छेद 3 ( नए राज्यों का निर्माण,और राज्यों के क्षेत्रों सीमाओं और नाम में बदलाव)
5 अनुच्छेद 4 ( पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची के संशोधन तथा अनुपूरक, अनुषांगिक और परिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियां)6 अनुच्छेद 5 ( संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता)
7 अनुच्छेद 6 ( पाकिस्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता)
8 अनुच्छेद 7 (पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार