JBCCI और NCWA में मुख्य अंतर यह है कि JBCCI एक समिति है और JBCCI ही NCWA को तैयार करती है,JBCCI में सरकार,प्रबंधन और यूनियन शामिल होते है लेकिन इसमें सरकार सीधे रूप से शामिल नहीं होती,इसमें सरकार की नीतियों के अनुसार JBCCI काम करती है,क्योंकि सरकार की अनुमति के बिना Final Implimentation नहीं होता है।
JBCCI और NCWA की परिभाषा
JBCCI –
Joint Bipartite Committee for the Coal Industry (कोयला उद्योग के लिए संयुक्त द्विपक्षीय समिति)JBCCI एक स्थायी द्विपक्षीय समिति (permanent bipartite committee) है, जिसका गठन कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और इसकी सहायक कंपनियों (subsidiaries) के डिपार्टमेंटल कामगारों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों (service conditions) को तय करने के लिए किया गया है।JBCCI का उद्देश्य है कि बिना किसी संघर्ष या हड़ताल के, सहमति से मजदूरों की वेतन और सुविधाओं से जुड़ी बातें तय की जाएं।
इस समिति में दो पक्ष होते हैं:
प्रबंधन पक्ष (Management side) – इसमें कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी कंपनियों के प्रतिनिधि होते हैं।
श्रमिक पक्ष (Workmen’s side) – इसमें मान्यता प्राप्त यूनियनों (Recognised Trade Unions) के प्रतिनिधि होते हैं।
NCWA –
National Coal Wage Agreement (राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता)NCWA वह लिखित समझौता (written agreement) होता है, जो JBCCI द्वारा किया जाता है। हर 5 साल में एक नया NCWA समझौता होता है। अब तक 11 वेतन समझौते हो चुके हैं — NCWA-I से लेकर NCWA-XI तक। इस समझौते में कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों में कार्यरत डिपार्टमेंटल (स्थायी) श्रमिकों की इन बातों का उल्लेख रहता है।
1 वेतन संरचना (Wage Structure)
4 सेवा शर्तें (Service conditions)
JBCCI और NCWA में अंतर:
| मुख्य बिंदु | डिपोर्टमेंटल कर्मचारी | ठेका कर्मचारी |
| क्या JBCCI के अंतर्गत आता है | हां | नहीं |
| क्या NCWA लागू होता है | हां | नहीं |
| अधिकार तय करने वाली संस्था | JBBCI | ठेकेदार + CLRA Act 1970 |
| यूनियन प्रतिनिधित्व | होता है | नहीं होता (अलग से संघर्ष होता है ) |
FAQs:
प्रश्न – अब आपके मन में यह प्रश्न उठ सकता है कि क्या JBCCI और NCWA ठेकेदारों के लिए कार्य नहीं करता क्योंकि अंतिम वर्ष 2023-24 में ठेकेदार के कामगारों को भी बोनस प्रदान किया गया था ?
उत्तर- तो इसका जवाब यह है कि ठेका मजदूरों का बोनस JBCCI की आधिकारिक बैठक का हिस्सा नहीं था बल्कि, यूनियनों के दबाव और प्रबंधन की सहमति से, विशेष चर्चा के बाद,सद्भावना के रूप में (Goodwill Gesture)में ठेकेदार मजदूरों को भुगतान हुआ । यह स्थायी अधिकार नहीं है, साल-दर-साल बदल सकता है और प्रबंधन की मर्जी पर आधारित है।
प्रश्न – अब आप ये सोच सकते है कि ठेका मजदूरों के अधिकार और सोशल वेलफेयर और सोशल सिक्योरिटी और मेडिकल सुविधाएं इत्यादि कैसे प्राप्त होंगे ?
उत्तर – Contract Labour (Regulation & Abolition) Act, 1970यह कानून ठेकेदार मजदूरों के अधिकार और सुरक्षा को सुनिश्चित करता है।इसके अंतर्गत:
न्यूनतम वेतन
काम के घंटे
सुरक्षा उपाय
स्वास्थ्य सुविधाएं
साथ ही CIL के कुछ सर्कुलर/आदेश कोल इंडिया ने समय-समय पर ठेका मजदूरों के लिए कुछ न्यूनतम वेतन और बोनस जैसे लाभ देने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन ये NCWA का हिस्सा नहीं होते।
प्रश्न – अब आप सोच रहे होंगे कि क्या Contract labour act 1970 अब भी लागू है,जबकि 4 लेबर कोड आ गया है तो CLRA किसमे शामिल है?
उत्तर – इसे ध्यान से समझिए CLRA Act, 1970 को अब OSHWC Code, 2020 में शामिल कर दिया गया है।”Contract Labour Act अब अलग से नहीं, बल्कि Occupational Safety, Health and Working Conditions Code का हिस्सा है।”
प्रश्न – क्या नया कोड लागू हो चुका है?
उत्तर – नहीं, अभी तक ये नए चारों लेबर कोड पूरी तरह लागू नहीं हुए हैं।केंद्र सरकार ने इन्हें पारित कर दिया है लेकिन राज्य सरकारों द्वारा नियम (Rules) नहीं बनाए गए हैं या अधिसूचना जारी नहीं की गई हैजब केंद्र और राज्य दोनों इसे लागू करेंगे तभी पुराना CLRA पूरी तरह हटेगा।
प्रश्न – अब आप सोच रहे होंगे कि ये 4 लेबर कोड की स्थिति क्या है फिर?
उत्तर – तो जानिए,अभी वर्तमान स्थिति (2025 तक):अभी तक देश के कई राज्यों में ये चारों Labour Codes पूरी तरह से लागू नहीं हुए हैं जब तक ये लागू नहीं होते, तब तक CLRA Act, 1970 पूरी तरह से वैध और लागू है।
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अस्वीकरण –
यह लेख JBCCI और NCWA के विस्तार और गहन अध्ययन के आधार पर लिखा गया है,जो कि पाठकों की सामान्य जानकारी के लिए है,साथ ही समय समय पर इसमें सुधार संभव है।

